देश के नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना एवं उनके मान-सम्मान की सुरक्षा करना।
देश के नागरिको को शैक्षिक, सामाजिक रूप से शक्तिशाली बनाना।
नागरिकों के समस्त संवैधानिक अधिकारों के प्रति नागरिकों को जागरूक करना।
शासन, प्रशासन एवं पुलिस के साथ सामांजस्य स्थापित कर अपराधों कोरोकने में उनका सहयोग करना एवं पीडि़तों को न्याय दिलाना।
समस्त जनसाधारण का सामाजिक नैतिक, चारित्रिक व बौद्धिक, अध्यात्मिक विकास करना एवं लोगों में देष प्रेम एवं वैचारिक सामन्जस्य का विकास करना।
भारतीय संविधान में प्रदत्त सामाजिक न्याय, और आर्थिक उत्थान के लिये प्रयास करना।
भ्रष्टाचार, आतंकवाद, महिला हिंसा ,बल श्रम ,शोषण , अव्यवस्था आदि वर्तमान ज्वलन्त समस्याओं के निवारण हेतु सरकारी अर्धसरकारी संस्थाओंके सहयोग से उन्हें दूर करने का प्रयास करना।
मानवाधिकारों की जानकारी के प्रचार-प्रसार हेतु पत्र-पत्रिका का प्रकाशन करना एवं समय-समय पर सेमिनार एवं विचार गोष्ठियों का आयोजन करना।
शासन/प्रशासन के साथ सहयोग स्थापित कर अपराध व शोषण रोकने का प्रयास करना।
भारत सरकार द्वारा पारित मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम १९९३ का जन-जन में प्रचार प्रसार करना जिससे आम आदमी उसका लाभ प्राप्त कर सके।